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चैरिटी/दान घोटाला (Charity/Donation Scam)
नकली चैरिटी संस्थाएं आपदाओं, धार्मिक भावनाओं या सहानुभूति का फायदा उठाकर धोखाधड़ी से दान इकट्ठा करती हैं।
यह स्कैम कैसे काम करता है
- 1प्राकृतिक आपदा, धार्मिक त्योहार या वायरल सोशल मीडिया स्टोरी के बाद नकली चैरिटी की अपील आती है
- 2वे पीड़ित बच्चों या आपदा पीड़ितों की तस्वीरों के साथ भावनात्मक पोस्ट बनाते हैं
- 3वे असली चैरिटी की नकल करते हुए नकली वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज बनाते हैं
- 4UPI, बैंक ट्रांसफर या क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए दान इकट्ठा करते हैं
- 5पैसा किसी चैरिटी काम में नहीं बल्कि स्कैमर्स के पास चला जाता है
खतरे की निशानियाँ
- चैरिटी का नाम किसी जानी-मानी संस्था के समान लेकिन बिल्कुल वैसा नहीं है
- कोई रजिस्ट्रेशन नंबर या FCRA सर्टिफिकेशन नहीं है
- केवल व्यक्तिगत UPI ID या बैंक खातों में दान स्वीकार करते हैं
- जल्दबाजी में भावनात्मक दबाव डालते हैं
- पैसे के इस्तेमाल की कोई पारदर्शिता नहीं दिखाते
अगर आप शिकार बनें तो क्या करें
- NGO Darpan (ngodarpan.gov.in) या GuideStar India पर चैरिटी की जांच करें
- स्थापित चैरिटी संस्थाओं की आधिकारिक वेबसाइट से सीधे दान करें
- दान देने से पहले 80G टैक्स छूट सर्टिफिकेट मांगें
- नकली चैरिटी की शिकायत cybercrime.gov.in पर करें या 1930 पर कॉल करें