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डिजिटल गिरफ्तारी स्कैम (Digital Arrest Scam)
नकली पुलिस/CBI/कस्टम अधिकारी दावा करते हैं कि आप 'डिजिटल गिरफ्तारी' में हैं और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए पैसे देने होंगे।
यह स्कैम कैसे काम करता है
- 1आपको कोई व्यक्ति फोन या वीडियो कॉल करता है और खुद को पुलिस अधिकारी, CBI एजेंट या कस्टम अधिकारी बताता है
- 2वे कहते हैं कि आपका आधार, पैन या बैंक अकाउंट किसी आपराधिक गतिविधि से जुड़ा है
- 3आपको बताया जाता है कि आप 'डिजिटल गिरफ्तारी' में हैं और फोन काटना नहीं है या किसी को बताना नहीं है
- 4वे तुरंत बड़ी रकम किसी 'सरकारी खाते' में ट्रांसफर करने की मांग करते हैं ताकि आपका नाम साफ हो सके
- 5वे वीडियो कॉल में नकली बैकग्राउंड, यूनिफॉर्म और सरकारी दिखने वाले दस्तावेज इस्तेमाल कर सकते हैं
खतरे की निशानियाँ
- कोई भी कानून प्रवर्तन एजेंसी 'डिजिटल गिरफ्तारी' नहीं करती - यह कोई वास्तविक कानूनी प्रक्रिया नहीं है
- वे जिद करते हैं कि आप कॉल पर रहें और परिवार या दोस्तों को न बताएं
- UPI, बैंक ट्रांसफर या क्रिप्टो के जरिए तुरंत पैसे भेजने की मांग
- तुरंत गिरफ्तारी या कानूनी परिणामों की धमकी
- वीडियो कॉल में नकली गिरफ्तारी वारंट या कोर्ट के आदेश दिखाना
- AnyDesk जैसे रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल करने को कहना
अगर आप शिकार बनें तो क्या करें
- तुरंत कॉल काट दें - डिजिटल गिरफ्तारी जैसी कोई चीज़ नहीं होती
- कोई भी पैसा ट्रांसफर न करें
- किसी भी दावे की पुष्टि के लिए अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन को फोन करें
- cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 (साइबर क्राइम हेल्पलाइन) पर कॉल करें
- अपनी शिकायत के लिए फोन नंबर और कोई भी सबूत सेव करें