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पहचान चोरी (Identity Theft)
आधार, पैन जैसी व्यक्तिगत जानकारी चुराकर आपके नाम पर फर्जी अकाउंट खोलना या लोन लेना।
यह स्कैम कैसे काम करता है
- 1धोखेबाज डेटा चोरी, फिशिंग या सोशल इंजीनियरिंग के जरिए आपकी व्यक्तिगत जानकारी हासिल करते हैं
- 2वे आपके आधार, पैन या अन्य ID का इस्तेमाल करके बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड या लोन खुलवाते हैं
- 3वे आपके नाम पर फर्जी टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं या बड़ी खरीदारी कर सकते हैं
- 4जब आप अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते हैं, अनपेक्षित बिल आते हैं या क्रेडिट मना हो जाता है, तब आपको धोखाधड़ी का पता चलता है
खतरे की निशानियाँ
- आपके नाम पर अनपेक्षित क्रेडिट कार्ड या लोन स्टेटमेंट का आना
- ऐसे कर्ज के लिए वसूली एजेंसियों के कॉल जिन्हें आप नहीं पहचानते
- बिना वजह क्रेडिट का मना होना
- ऐसी सेवाओं के लिए OTP आना जिनके लिए आपने साइन अप नहीं किया
- आपके आधार/पैन का ऐसे लेनदेन में इस्तेमाल जो आपने नहीं किए
अगर आप शिकार बनें तो क्या करें
- UIDAI वेबसाइट पर अपनी आधार बायोमेट्रिक्स को लॉक करें
- नियमित रूप से अपनी CIBIL/क्रेडिट रिपोर्ट चेक करें
- पुलिस रिपोर्ट दर्ज करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत करें या 1930 पर कॉल करें
- तुरंत अपने बैंक और क्रेडिट कार्ड कंपनियों से संपर्क करें
- अपने नाम पर खुले किसी भी नए अकाउंट के लिए अलर्ट सेट करें